रुद्रपुर। लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि बीते वर्ष फरवरी में प्रदेशव्यापी हड़ताल के दौरान मुख्यमंत्री आवास में मिले आश्वासन पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। संगठन की प्रदेश मंत्री अनिता सिंह ने बताया कि 7 मार्च 2024 को निदेशालय में हुई बैठक में मानदेय वृद्धि पर विचार के लिए समिति गठित करने की बात कही गई थी, लेकिन डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने मांग रखी कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए और मानदेय बढ़ाकर प्रतिदिन 800 रुपये के हिसाब से 24 हजार रुपये मासिक किया जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पेंशन, महिला कल्याण कोष से मिलने वाली एकमुश्त राशि बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी लाभ देने और सुपरवाइजर के रिक्त पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पदोन्नति देने की मांग दोहराई गई। कार्यकर्ताओं ने एफआरएस (फेस कैप्चर) प्रणाली को तत्काल बंद करने तथा सरकार द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। धरने में प्रदेश मंत्री अनिता सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष रुचिका घई, हंसा लोहानी, शिवानी, रूबी सिंह, पुष्पा पांडे, शीतल, आराधना यादव, ज्योति, जावित्री, तुलसी, नीलिमा, पूनम, शोभा, विपाशा, भारती, लक्ष्मी यादव, हेमलता शर्मा, अमरजीत कौर, दयावती, अनीता सागर, खुशबू, शीतल, राजकुमारी, राजेन्द्र कौर, संतोष रानी, अजीत कौर, प्रेमलता, नूरजहां, मीरा गुप्ता, आशा रानी, सुलेखा चौहान, निशा, सीमा सरकार, प्रियंका, विमला, तारा भट्ट, रानी कौर, दलवीर कौर, सुलता मंडल, गीता, सुशीला, रुबीना, स्मिता, पदमा, संगीता, मिनती, कुसुम लता, लक्ष्मी, संध्या, शांति, भावना आदि शामिल रहीं।


