ऋषिकेश। ऋषिकेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर उत्तराखंड विक्रम टैंपो महासंघ ने नाराजगी जताई। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से ऋषिकेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर रोक लगवाने की गुहार लगाई। शुक्रवार को उत्तराखंड विक्रम टैंपो महासंघ के सदस्यों ने देहरादून स्थित आवास पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि ऋषिकेश के अंदर इलेक्ट्रिक बस के संचालन करने की प्रक्रिया गतिमान है। कहा कि विगत कुछ दिनों पूर्व उत्तराखंड शहरी विकास एजेंसी द्वारा 27 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद एवं ऋषिकेश शहर मे चलाने की सहमति प्रदान की थी, जिससे स्थानीय परिवहन कारोबारियों में नाराजगी है। कहा कि शहर के अंदर पहले से ही 3500 के करीब ई-रिक्शा एवं लगभग 1800 विक्रम ऑटो का संचालन हो रहा है। इतनी ही संख्या में हरिद्वार से रजिस्ट्रेशन हुए थ्री व्हीलर भी इन्हीं रुटों पर चलते हैं। जब शहर में पहले से ही लोकल परिवहन की सुविधा है, तो इन बसों की यहां क्या आवश्यकता है। शहर के अंदर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। कहा कि ऋषिकेश के अंदर इलेक्ट्रॉनिक बस का संचालन नहीं होना चाहिए और अब ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन किया जाए, विक्रम ऑटो की परमिट पर भी रोक लगाई जाए। मंत्री सुबोध उनियाल ने समस्या सुनने के बाद सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। मौके पर विक्रम मलिक चालक संगठन मुनिकीरेती के अध्यक्ष सुनील कुमार, विक्रम यूनियन तपोवन के अध्यक्ष त्रिलोक भंडारी, नेपाली फार्म विक्रम यूनियन अध्यक्ष कमल राणा, ऑटो यूनियन अध्यक्ष राजेंद्र लंबा, टाटा सुमो यूनियन अध्यक्ष हरीश रावत, सचिव तिवारी, द्वारिका प्रसाद, सोनू पांडे आदि उपस्थित रहे।


