ऋषिकेश। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को डोईवाला में किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रतिरोध दिवस मनाया। किसानों ने बीज कानून 2025 और बिजली कानून 2025 को किसान विरोधी बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की। इस दौरान उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। किसानों ने डोईवाना गन्ना समिति परिसर से तहसील मुख्यालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह ‘ताज’ ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है, लेकिन अब तक एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाधर नौटियाल ने किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 2000 रुपये की किस्त को किसानों के साथ छलावा बताया। — किसान आत्महत्या मामले की हो उच्चस्तरीय जांच: डोईवाला गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष मनोज नौटियाल और दलजीत सिंह ने ऊधमसिंह नगर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भू-माफियाओं और पुलिस उत्पीड़न के कारण किसान को आत्महत्या करनी पड़ी। नेताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। सीआईटीयू के जिलाध्यक्ष कृष्ण गुनियाल ने चार श्रम संहिताओं को रद्द करने और न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये घोषित करने की मांग उठाई। किसान यूनियन (चढूनी) के नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में याकूब अली, इंद्रजीत सिंह, गुरदीप सिंह, बलवीर सिंह, उमेद बोरा समेत कई किसान और मजदूर संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।


