Friday, February 13, 2026

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ट्रैफिक पुलिस कर्मी और होमगार्ड की भर्ती करे सरकार – आराधना मिश्रा मोना, नेता विधानमंडल कांग्रेस

स्कूलों कालेजों में ” सड़क सुरक्षा शिक्षा” को अनिवार्य किया जाए- आराधना मिश्रा मोनादुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) को लेकर हो रहे प्रयास अपर्याप्त, सरकार ठोस कदम उठाए – आराधना मिश्रा मोना, नेता विधानमंडल दल कांग्रेसलखनऊ । नेता विधानमंडल दल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने आज विधानसभा में प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से हो रही मौतों और बढ़ती दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया , और सड़क सुरक्षा के संबंध में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अपर्याप्त बताए और चिन्हित ब्लैक स्पॉट ( दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों) को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने नियम 56 के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं और सड़क सुरक्षा का मुद्दा विधानसभा में उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक जनसंख्या 25 करोड़ से अधिक आबादी वाला राज्य है, और यहां पर लाखों लोग प्रतिदिन सड़कों के माध्यम से यात्रा करते हैं, लेकिन दुखद है आज हमारा प्रदेश सड़क दुर्घटनाओं में भी नंबर वन बनने की तरफ अग्रणी हो चुका है, उसके कारण बहुत हैं, तेज रफ्तार, गलत दिशा (wrong side) में गाड़ी चलाना, और नशे में ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी,
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि इन कारणों के बाद सबसे बड़ा कारण है सरकार का दुर्घटनाओं के कारण नजरअंदाज किए जा रहे हैं, और प्रत्येक दुर्घटना के बाद मूल कारणों पर ध्यान न देना भी आज हादसों का सबसे बड़ा कारण बन चुका है, और चिन्हित दुर्घटना क्षेत्र पर सरकार की तरफ से जो इंतजाम किए जा रहे हैं वह अपर्याप्त हैं जिसकी वजह से उन क्षेत्रों में बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं ,
नेता विधानमंडल दल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने कहा की प्रदेश में जो सड़क दुर्घटनाएं हो रही है उसमें 56% दुर्घटनाएं तेज रफ्तार, 12% सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतें गलत दिशा में (रॉन्ग साइड )में गाड़ी चलाने से और 8% नशे में वाहन चलाने से लोगों की जान जार ही है । जिसकी वजह से प्रतिवर्ष लगभग 45000 से ज्यादा सड़क हादसे हो रहे हैं जिनमें 24000 से अधिक लोगों की असमय दुखद मृत्यु हो रही है, यह संख्या अपने आप में दर्शाती है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा लोगों की जान सड़क दुर्घटना से जा रही है। इस दुर्घटनाओं की वजह से हजारों परिवार उजड़ जा रहे हैं ।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि 2014 में जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा 16000 था और 2024 में बढ़कर 24000 को पार कर गया , तो इससे यह समझ में आता है कि प्रतिदिन 65 मौतें हो रही हैं यानि हर घंटे में लगभग तीन लोग और हर 20 मिनट में एक परिवार उजड़ रहा है, दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष तौर से ध्यान देने की जरूरत है ।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा इसमें एक और सबसे ज्यादा दुखद बात है कि जान गंवाने वालों में 50% से अधिक युवा हैं जो देश का भविष्य बन देश को सशक्त कर सकते थे ।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि अकेले 44 दुर्घटना क्षेत्र – ब्लैक स्पॉट अकेले आगरा जिले में हैं, जिनकी वजह से आगरा में 2024 में 586 लोगों की जान चली गई, ये पहले से चिन्हित हैं लेकिन उसके बाद सिर्फ प्रतीकात्मक प्रयास जिससे कोई बदलाव नही हो पाया ,बाराबंकी देश के 100 मुख्य black spot में से एक है , सरकार प्रभावी कदम उठाए कि क्या सड़कों का एलाइनमेंट और तकनीकी विषयों पर ध्यान देने की जरूरत है ,
विगत दिनों मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा हुआ बस से उतर रहे 10 लोगों को अनियंत्रित डंफर ने कुचल दिया, रायबरेली में गंगा एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें कई लोगों की मौत हो गई, जबकि गंगा एक्सप्रेस-वे अभी शुरू भी नहीं हुआ, कानपुर में ओवर स्पीडिंग से 10 लोगों की जान चली गई ,
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सरकार 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा अभियान चला रही थी लेकिन यह मात्र प्रतीकात्मक बनकर रह गया है, लेकिन ब्लैक स्पॉट्स को लेकर क्या कदम उठाए गए ? सड़क सुरक्षा अभियान के तहत सिर्फ बड़े-बड़े होर्डिंग और प्रचार में करोड़ों रुपए खर्च करने से दुर्घटनाएं कम नही होंगीं ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने सड़क दुर्घटना को लेकर अपने सुझाव देते हुए कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर विशेषज्ञों द्वारा इंजीनियरिंग ऑडिट कराकर सड़क की संरचना- डिजाइन और सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार दिया जाना चाहिए, और इन जिलों में ITMS सॉफ्टवेयर तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, यातायात प्रबंधन में मैनपॉवर की कमी सबसे बड़ा दुर्घटना का कारण है , क्योंकि 25 करोड़ से अधिक आबादी के प्रदेश में 5 करोड़ से ज्यादा वाहन सड़कों पर है लेकिन ट्रैफिक पुलिस सिर्फ 9000 , जबकि स्वीकृत पद जो 11930 है, उससे भी ज्यादा की जरूरत है, माननीय उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति के अनुरूप 30000 से अधिक ट्रैफिक कर्मी तैनात किये जाने चाहिए, सरकार गंभीरता से अमल करें, यह लोगों के परिवार और उनकी जान से जुड़ा मुद्दा है ,
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में “डिजिटल ट्रैफिक निगरानी व्यवस्था ” को सशक्त बनाया जाए ।
*दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर समय बद्ध सुधार किए जाएं ।
*स्कूल और कॉलेज स्तर पर सड़क सुरक्षा शिक्षा को अनिवार्य किया जाए ।
*ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड की तत्काल भर्तियां की जाएं
*दुर्घटना पीड़ित परिवारों के लिए प्रभावी पारदर्शी और स्थाई योजनाएं लागू की जाय।
इस विषय पर केवल प्रचार नहीं बल्कि ठोस दिन संवेदनशील और ईमानदार करवाई हो ।

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