ऋषिकेश। श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर की भूमि पर कथित अतिक्रमण और मंदिर के महंत रामेश्वर गिरी पर हमले को लेकर संत समिति ऋषिकेश ने विरोध जताया है। समिति ने बुधवार मंदिर परिसर में बैठक कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। समिति के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र में भूमाफिया द्वारा धार्मिक संपत्तियों का स्वरूप परिवर्तन कर उनका व्यवसायीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि धार्मिक संस्थाओं और ट्रस्टों ने पूर्व संत-महापुरुषों द्वारा स्थापित संपत्तियों का स्वरूप बदलने अथवा उन्हें निजी स्वार्थ में बेचने का प्रयास किया, तो संत समाज इसके खिलाफ व्यापक जन आंदोलन छेड़ेगा। आवश्यकता पड़ने पर सरकार, मुख्यमंत्री और न्यायालय तक लड़ाई लड़ी जाएगी। महासचिव महंत रामेश्वर गिरी महाराज ने बताया कि शिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों के दौरान मंदिर परिसर में साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा था, तभी कुछ लोगों द्वारा कार्य में बाधा डालते हुए मार्ग अवरुद्ध किया गया और साधु-संतों के साथ मारपीट की गई। इसी घटना के विरोध में यह बैठक बुलाई गई। बैठक में संत समाज ने प्रशासन से मंदिर भूमि की विधिवत जांच, अतिक्रमण की निष्पक्ष पड़ताल और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मौके पर महंत पूर्णानंद, महंत हरिदास, महंत धर्मदास, महंत निर्मल दास, स्वामी धरवीर, महंत हरीनरायणाचार्य, महंत श्रद्धा गिरि, महंत संध्या गिरी, महंत नित्यानंद गिरी, महंत विवेकानंद सरस्वती, महंत कृष्णानंद, महंत सुंदरानंद, महंत परमेश्वरानंद, महंत राजराजेश्वर गिरि, महंत सर्वेंद्र सिंह, महंत रविंद्र दास आदि उपस्थित रहे।


