ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम स्वर्गाश्रम ऋषिकेश में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 का सोमवार को आगाज हो गया है। जिसमें 80 देशों के 1500 से ज्यादा योग जिज्ञासु भाग ले रहे हैं। पहले दिन हुए विभिन्न सत्रों में योग जिज्ञासुओं ने योग और अध्यात्म को करीब से जाना। सोमवार को परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के सानिध्य में योग साधकों ने विश्व शांति यज्ञ में आहूतियां डालकर महोत्सव का शुभारंभ किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने योग जिज्ञासुओं को योग और ध्यान साधना से जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों से अवगत कराते हुए प्रेरित किया। कहा कि सांसों की पवित्र लय के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 शुरू हुआ है। हिमालय की गोद और मां गंगा के पवित्र तट पर आरम्भ हुआ यह महोत्सव पूरी मानवता को एक सूत्र में जोड़ने वाला वैश्विक आध्यात्मिक संगम है। विश्व के विभिन्न देशों से आए हजारों योग साधक, आध्यात्मिक गुरु और योग जिज्ञासु यहां एकत्र होकर योग, ध्यान, प्राणायाम और साधना के माध्यम से शांति, संतुलन और समरसता का संदेश दे रहे हैं। इस महोत्सव का उद्देश्य केवल योग का अभ्यास कराना ही नहीं, बल्कि मानव चेतना को जागृत करना और मानवता को एकत्व प्रदान करना है। इंटरनेशनल योग फेस्टिवल की निदेशक डा. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि आज विश्व में जो भी चुनौतियां, अन्याय या असंतुलन दिखाई दे रहा हैं, उनके प्रति जो क्रोध या निराशा हमारे भीतर उठती है, उसे अपने हृदय के द्वार पर दस्तक समझें। यह संकेत है कि कहीं न कहीं संतुलन बिगड़ा हुआ है। फिर ऐसी साधना विकसित करें, जिसके माध्यम से आप उस क्रोध या निराशा को ईश्वर अथवा प्रकृति को समर्पित कर सकें।


