नई टिहरी। टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी टिहरी में एआईसीटीई अटल द्वारा प्रायोजित क्लीन एंड अल्टरनेट एनर्जी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट इनोवेशन ट्रेंड्स विषय पर आयोजित एक सप्ताह का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन हुआ। जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा,स्वच्छ ऊर्जा,जल संसाधन प्रबंधन और सतत विकास के क्षेत्र में हो रहे नवीन नवाचारों की जानकारी दी गई। टीएचडीसी आईएचईटी में 10 नवंबर से आयोजित एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यशाला का शनिवार को संस्थान के निदेशक शरद कुमार प्रधान ने समापन करते हुए कहा कि वैकल्पिक एवं स्वच्छ ऊर्जा से संबंधित ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से बढ़ावा देना आवश्यक है। ताकि फैकल्टी सदस्य इस क्षेत्र में शिक्षण,अनुसंधान और नवाचार हेतु प्रोत्साहित हो और भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों के समाधान में योगदान दे सकें। प्रशिक्षण में आईआईटी,एनआईटी,सीएसआईआर लैब और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञों ने उच्चस्तरीय व्याख्यान प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने ऊर्जा सुरक्षा,स्वच्छ तकनीक,हाइड्रो पावर,स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन,कार्बन न्यूट्रैलिटी और भविष्य की ऊर्जा की मांग पर जानकारी दी। इसके साथ ही हाइड्रो पावर प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। जहां पर बिजली उत्पादन की प्रक्रियाओं,मशीनरी,जलविद्युत परियोजनाओं में अपनाई जाने वाली उन्नत तकनीकों को नजदीक से समझा। इस मौके पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ.हिमांशु नौटियाल,मनदीप गुलेरिया,समीर वर्मा आदि मौजूद थे।


