विकासनगर। विकासनगर में शक्तिनहर के किनारे उत्तराखंड जल विद्युत निगम की जमीन पर अवैध कब्जों को हटाने की हटाए कार्रवाई दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रही। ढकरानी से नवाबगढ़ और डाकपत्थर तक यूजेवीएनएल ने जेसीबी से लोगों के आशियानों को ध्वस्त किया। हालांकि लोगों ने थोड़ा बहुत विरोध किया, लेकिन अतिक्रमण हटाने का काम जारी रहा। लोगों ने आशियाने बचाने के लिए अफसरों को हाथ जोड़े, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। एक तरफ टूटते घर तो दूसरी तरफ आनन-फानन में लोग अपना-अपना कीमती सामान उठाते नजर आए। हर कोई जनप्रतिनिधियों समेत सरकार को भी कोसता नजर आया। ध्वस्तीकरण अभियान के तहत सोमवार को करीब 60 आशियाने ध्वस्त किए गए। यूजेवीएनएल अधिकारियों के अनुसार अभी तक सौ से डेढ़ सौं कच्चे, पक्के निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि शेष कच्चे, पक्के निर्माण जल्द ध्वस्त कर दिए जाएंगे। ढकरानी बस्ती में ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासनिक अमले को कुछ विरोध भी झेलना पड़ा। कई घरों से महिलाओं ने बाहर निकलने से मना कर दिया। महिलाएं कहने लगीं कि घरों को ध्वस्त करने के साथ उन्हें भी मलबे में दफन कर दिया जाए। महिला पुलिस ने बड़ी सूझबूझ के साथ महिलाओं को बाहर निकाला, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान शक्ति नहर में जल पुलिस की गश्त भी जारी रही। हालांकि हल्के फुल्के विरोध के बाद प्रशासनिक अमले के सामने कोई दिक्कत नहीं आई और देर शाम तक एक-एक कर कच्चे-पक्के आशियाने ध्वस्त कर दिए गए। जल विद्युत निगम के अधिशासी निदेशक राजीव अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को ढकरानी से डाकपत्थर तक 60 निर्माण ध्वस्त किए गए। शेष निर्माण मंगलवार को ध्वस्त किए जाएंगे।


