ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि आज के युग में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। योग हमें व्यक्तिगत रूप से सशक्त बनाता है, समाज और विश्व में शांति, संतुलन और सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम भी बनता है।सोमवार को परमार्थ स्कूल ऑफ योग द्वारा संचालित योग टीचर ट्रेनिंग कोर्स कर रहे विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी जड़ों से जुड़ें, अपनी संस्कृति को समझें और योग के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बनाएं। परमार्थ निकेतन सदैव से ही विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” के संदेश से जोड़ने का कार्य करता रहा है।यहां आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव न केवल योग शिक्षा का केंद्र है, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संवाद का सेतु भी है। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा आज भी विश्व को दिशा दे रही है। इस मौके पर योगाचार्य आभा सरस्वती, योगाचार्य डॉ़. इंदू शर्मा, योगाचार्य गंगा नंदिनी, योगाचार्य गायत्री गुप्ता आदि उपस्थित रहे।


