पौड़ी। गजल्ड में बुधवार की देर शाम गुलदार के ढ़ेर होने के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली है। गजल्ड में गुलदार के 4 दिसंबर के हमले के बाद से ग्रामीणों में गुलदार की दहशत बनी हुई थी। गुलदार ने पहले यहां एक व्यक्ति को मार दिया तो इसके बाद ग्रामीणों के मवेशियों को भी शिकार बनाया। इसके बाद यहां विभागीय टीम ने डेरा डाला और पिंजरे लगाएं, लेकिन गुलदार न तो पिंजरे में कैद हुआ और नहीं ट्रैंक्यूलाइज हो पाया। इसके बाद ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए विभागीय टीम के साथ पौड़ी निवासी अनुभवी शिकारी जॉय हुकिल और रिटायर सहायक डीपीआरओ राकेश बड़थ्वाल की जोड़ी को भी यहां तैनात किया। गजल्ड में गुलदार के ढेर होने के बाद ग्रामीणों को गुलदार के आंतक से कुछ राहत मिली। गुरुवार को ग्रामीणों ने गांव पहुंचे शिकारी जॉय हुकिल स्वागत भी किया। कहा कि उनके तैनात होने के बाद ग्रामीणों को गुलदार के आंतक से राहत मिली। जॉय हुकिल के पास अब तक 47 नरभक्षी गुलदारों के मारने का लंबा अनुभव है, तो वहीं राकेश बड़थ्वाल भी अनुभवी शिकारी है। विभागीय टीम के साथ दोनों ही शिकारियों ने गजल्ड में गुलदार की पहचान की। गजल्ड के ग्राम प्रधान शंकर नौटियाल ने कहा कि यहां सक्रिय गुलदार से वन विभाग टीम ने ग्रामीणों को राहत दिलाई है। पिछले करीब एक सप्ताह से ग्रामीण गुलदार की दहशत में जीने को विवश थे। ग्राम प्रधान ने वन विभाग से कह कि गांव से अभी न तो टीम को हटाया जाए और नहीं यहां लगे पिंजरों को ताकि ग्रामीण सुरक्षित रह सके। इधर, गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने कहा कि पूरी टीम के सहयोग से यहां सक्रिय गुलदार को मारा जा सका है,ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए टीमें पूर्व की भांति ही तैनात रखी जाएगी।


