कोटद्वार। गढ़वाल की लाइफलाइन कही जाने वाली लालढांग-चीलरखाल मोटर मार्ग के निर्माण में हो रही देरी से आक्रोशित लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में महिलाएं, पूर्व सैनिक और युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। दोपहर करीब एक बजे से दो बजे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस प्रशासन लगातार नारेबाजी कर रहे लोगों को समझाता रहा, लेकिन आक्रोशित लोगों ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए पुलिस की भी नहीं सुनी। रविवार को देवी मंदिर में एकत्र हुए लोग जुलूस की शक्ल में झंडाचौक तक पहुंचे। जहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा गया कि लालढांग-चिलरखाल मार्ग पर आजादी के पहले से लोग आवाजाही करते रहे हैं। इस मार्ग के निर्माण में वन एवं वन्यजीव कानून की जटिलताएं बाधक बन रही हैं। जबकि पहाड़ के लोग पर्यावरण के सबसे बड़े पुरोधा हैं। उन्होंने कहा कि कानूनों को शिथिल कर केंद्र व राज्य सरकार को सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि हमें हर हाल में लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग चाहिए। कहा कि पिछले तीन महीनों से धरना-प्रदर्शन जारी है लेकिन शासन-प्रशासन आंखें मूंदे हुए है। स्पष्ट किया कि जब तक सड़क नहीं बनेगी तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।


