हल्द्वानी।मैदानी इलाकों में छाए घने कोहरे और बिहार के जमुई जिले में सीमेंट से लदी मालगाड़ी के पटरी से उतरने का असर काठगोदाम और हल्द्वानी रेल खंड पर मंगलवार को साफ दिखाई दिया। संपर्क क्रांति, बाघ एक्सप्रेस सहित कई प्रमुख ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं, जिससे कड़ाके की ठंड में स्टेशन पर फंसे सैकड़ों यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे से रेल परिचालन पूरी तरह से प्रभावित है। दिल्ली से काठगोदाम आने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस निर्धारित समय पर रात करीब 10 बजे पहुंचती है, जो सोमवार को रात दो बजे हल्द्वानी पहुंची। इस देरी के चलते यात्रियों के परिजन और तीमारदारों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को घर पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ा। वहीं, बिहार के जमुई जिले में हुए रेल हादसे का असर भी काठगोदाम रूट पर देखने को मिला। हावड़ा से काठगोदाम आने वाली बाघ एक्सप्रेस करीब 15 घंटे की देरी से सोमवार रात लगभग 12 बजे हल्द्वानी पहुंची। ट्रेन को महज दो घंटे बाद ही रात दो बजे वापस हावड़ा के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान काठगोदाम और हल्द्वानी रेलवे स्टेशनों पर सैकड़ों यात्री ठंड में ठिठुरते रहे। मंगलवार को रानीखेत एक्सप्रेस करीब ढाई घंटे, काठगोदाम-देहरादून एक्सप्रेस एक घंटे और लखनऊ-काठगोदाम स्पेशल ट्रेन लगभग 45 मिनट की देरी से पहुंची। देरी के चलते दैनिक यात्रियों, बुजुर्गों और बच्चों को खासा परेशान होना पड़ा। काठगोदाम स्टेशन प्रबंधक डीएस बोरा ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे से ट्रेनों की गति सीमित करनी पड़ रही है, जिससे समय पर संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।


