अल्मोड़ा। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में रेफरल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों से अस्पतालों को रेफर किए गए मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विशेषकर डिलीवरी से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की संभावित तिथि से कम से कम एक माह पहले से नियमित निगरानी शुरू की जाए। इसके लिए ब्लॉक और स्वास्थ्य केंद्रों के क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की कुल संख्या का विश्लेषण करते हुए सात से नौ माह की गर्भावस्था वाली महिलाओं की संभावित डिलीवरी तिथि का अद्यतन डेटा उपलब्ध रखा जाए। जिलाधिकारी ने आशा और एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, नियमित भ्रमण और हाई रिस्क की आशंका वाले मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को और अधिक मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी संभावित जटिल मामले से पहले स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तैयारी के साथ सक्षम रखा जाए। बैठक में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर से संबंधित आंकड़े व्यवस्थित रूप से तैयार करने, रेफर किए गए मरीजों के फॉलोअप की नियमित समीक्षा करने और किसी भी मृत्यु की स्थिति में विशेषज्ञ पैनल से जांच कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी अरविंद पांगती, जिला चिकित्सालय के पीएमएस हरीश चंद्र गड़कोटी सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।


