ऋषिकेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ऋषिकेश केंद्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम हुआ। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी महिलाओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने समाज में नारी की महत्ता के बारे में भी बताया। सोमवार को ऋषिकेश स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के गीतानगर केन्द्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “नारी शक्ति-परिवारों की सूत्रधार व आधार” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, मुनिकीरेती पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश की अपर निदेशक डा. सावित्री उनियाल, अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नीरजा गोयल, साहित्यकार रचना कुंदनानी, योगेंद्रा पब्लिक स्कूल की निदेशक मीता चटर्जी, कवयित्री अरूणा वशिष्ठ, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. रितु प्रसाद, उमादत्त, प्रधानाचार्या अनीता, भजन गायिका अंजली थापा, ब्रह्मकुमारी विवि केंद्र की बीके निर्मला व बीके आरती ने संयुक्त रूप से किया।
कुसुम कंडवाल ने कहा कि आज के समय में महिलाओं की असुरक्षा के प्रमुख कारणों में मोबाइल फोन का दुरुपयोग भी शामिल है। उन्होंने सुझाव दिया कि आठवीं कक्षा से पहले बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखना चाहिए। पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनो के तेज, त्याग, स्नेह, समर्पण, सौहार्द एवं उनके गुणो से हमे प्रेरणा देते है कि हमारा जीवन व आचरण ऐसा हो, तभी प्रदेश व देश आत्म निर्भर हो नये युग की स्थापना होगी। डा. सावित्री उनियाल ने महिलाओं को विवेकपूर्ण निर्णय लेने स्वयं को स्वस्थ रखने का संदेश दिया। भजन गायिका अंजलि थापा ने भजन प्रस्तुत कर उपस्थित महिलाओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। कवियत्री अरुणा वशिष्ठ ने कविता के माध्यम से महिलाओं को आत्मविश्वास और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बीके आरती ने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की प्रमुख शक्ति है। इस दौरान सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया।


