देहरादून। डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में संसाधनों की कमी और शासन के बढ़ते दबाव के विरोध में आज राजधानी की सड़कों पर भारी संख्या में फील्ड कर्मचारी उतरे। कृषि, उद्यान, गन्ना एवं राजस्व विभाग की समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित इस ‘सचिवालय कूच’ में पांच प्रमुख मान्यता प्राप्त संगठनों ने अपनी आवाज बुलंद की। समन्वय समिति का आरोप है कि राजस्व परिषद की कार्ययोजना के अनुरूप धरातल पर फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके बावजूद, वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा कर्मियों पर अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है। समिति ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ जनपदों में प्रतिकूल प्रविष्टि देने और वेतन रोकने जैसे दंडात्मक निर्देश जारी किए गए हैं, जो पूरी तरह से अनुचित और वार्ता में बनी सहमति के विपरीत हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि अन्य राज्यों की भांति डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य प्रति खसरा प्रोत्साहन राशि देकर निजी सर्वेयरों से कराया जाए, जिसका व्यय केंद्र सरकार वहन करे। समन्वय समिति के मुख्य संयोजक शुभम आर्य ने बताया कि पूर्व में हुई मौखिक वार्ता में 24 मार्च तक सकारात्मक निर्णय का आश्वासन मिला था, लेकिन कोई स्पष्ट नीति निर्धारित नहीं की गई।


