रुद्रपुर। जिले में स्कूलों द्वारा महंगी प्राइवेट किताबें लागू किए जाने के खिलाफ अभिभावकों की आवाज बुलंद होने लगी है। शुक्रवार को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि ऊधम सिंह नगर के कई निजी विद्यालय एनसीईआरटी के बजाय कई गुना महंगी प्राइवेट किताबें अनिवार्य कर रहे हैं। इससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। आरोप है कि स्कूल तय दुकानदारों के माध्यम से ही किताबें बिकवा रहे हैं और पूरे सेट को खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि किताबों के सेट में गैर-जरूरी सामग्री भी शामिल की जा रही है, जो उच्च न्यायालय के निर्देशों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि महंगी किताबें खरीद चुके अभिभावकों को धनवापसी कराई जाए और स्कूलों को केवल एनसीईआरटी या समान कीमत की पुस्तकों को ही लागू करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने इसे सामाजिक स्तर पर गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसी मनमानी पर रोक लगाना जरूरी है। इस दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री लाखन सिंह, जिलाध्यक्ष हेमंत सिंह चौहान, एडवोकेट जयप्रकाश गंगवार, एडवोकेट पूनम कालड़ा, भावना सिंह और अशोक गावड़ी आदि रहे।


