देहरादून। राज्य निगम कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने नियमितिकरण समेत दस सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है। प्रेस क्लब के महासंघ के महासचिव श्याम सिंह नेगी ने आंदोलन की घोषणा की है। ने कहा कि सार्वजनिक निगमों, निकायों और उपक्रमों में कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा, आउटसोर्स और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश पंत ने कहा कि महासंघ की ओर से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिए गए, बावजूद इसके सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है। बताया कि 23 अप्रैल को गांधी पार्क, देहरादून में धरना-प्रदर्शन, 30 अप्रैल को हरिद्वार में प्रदर्शन और 12 मई से देहरादून में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके बाद मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर संरक्षक दिनेश गोसाईं, संरक्षक बीएसएम रावत, राजेश रमोला, मेजपाल सिंह, मनमोहन चौधरी, शिशुपाल रावत, टीएस बिष्ट, ओम प्रकाश भट्ट आदि मौजूद रहे।महासंघ की मांगेंसंविदा, उपनल, आउटसोर्स व विशेष श्रेणी के कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण किया जाए।दैनिक वेतन/पीआरडी/संविदा कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।सभी निगमों/निकायों में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए।जांच/वर्कचार्ज के नाम पर हो रही ठेका प्रथा समाप्त की जाए।राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर निगम/निकाय कर्मियों को वेतनमान व सुविधाएं दी जाएं।10.16.26 के वेतनमान (पुरानी व्यवस्था) के अनुरूप लाभ लागू किए जाएं।2014 के बाद बंद की गई पेंशन/अन्य सुविधाएं बहाल की जाएं।स्वास्थ्य सेवाओं व बीमा सुविधाओं का लाभ सभी कर्मचारियों को मिले।वेतन विसंगतियों को दूर कर न्यूनतम वेतन ₹2000 ग्रेड पे के अनुरूप किया जाए।महासंघ को उद्योग विभाग में परिषद के रूप में मान्यता दी जाए।


