देहरादून। नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में विसंगतियों और अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले 133 दिनों से एकता विहार में आंदोलनरत नर्सिंग एकता मंच का धैर्य अब जवाब दे गया है। गुरुवार को दून प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं, तो 19 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के सभी नर्सिंग अभ्यर्थी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को पूर्व की भांति वर्षवार आधार पर संचालित किया जाए। इसके अलावा, प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आईपीएचएस मानकों के अनुरूप अस्पतालों में कम से कम 2000 पदों पर नर्सिंग भर्ती सुनिश्चित की जाए।मंच ने पूर्व में संचालित भर्ती प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियों के आरोप लगाए। पुंडीर ने कहा कि एक ही भर्ती प्रक्रिया में स्पष्ट असमानता अपनाई जा रही है। जहां एक ओर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन वर्ष 2020-21 तक की वरिष्ठता के आधार पर किया जा चुका है, वहीं सामान्य वर्ग के वर्ष 2014 के अभ्यर्थी आज भी चयन से वंचित हैं। उन्होंने इसे नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया।प्रेस वार्ता में मंच के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लगातार हो रही अनदेखी के चलते अब वे अपने आंदोलन को और तेज करने जा रहे हैं। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद भी यदि सरकार नहीं जागती है, तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा। मंच ने सरकार और संबंधित विभागों से आग्रह किया है कि अभ्यर्थियों के भविष्य और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए इस मसले का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही, उन्होंने अपनी न्याय की इस लड़ाई में आमजन से भी समर्थन की अपील की है।


