अल्मोड़ा। नाबार्ड की ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास निधि (आरआईडीएफ) के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल निगम, पीएमजीएसवाई और सहकारिता समेत विभिन्न विभागों की आरआईडीएफ योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को नाबार्ड के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित और गहन विभागीय समीक्षा करने को भी कहा। जिलाधिकारी ने पशुपालन अवसंरचना, आंगनबाड़ी केंद्र, शौचालय ब्लॉक और गौशालाओं जैसी आरआईडीएफ के तहत पात्र गतिविधियों के लिए नए प्रस्ताव तैयार कर नाबार्ड को भेजने के निर्देश भी दिए। बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गिरीश पंत ने बताया कि आरआईडीएफ के माध्यम से ग्रामीण सड़क, पुल, पेयजल, सिंचाई समेत ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र से जुड़ी 39 प्रकार की गतिविधियों के लिए राज्य सरकार के जरिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद में आरआईडीएफ के अंतर्गत 135 परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग की 67, सिंचाई विभाग की 18, लघु सिंचाई विभाग की 15 तथा पेयजल निगम की 7 प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से परियोजना पूर्णता प्रमाण पत्र (पीसीसी), परियोजना पूर्णता रिपोर्ट (पीसीआर) और मासिक प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गिरीश पंत तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


