ऋषिकेश। लालपानी में नगर निगम के कूड़ा निस्तारण प्लांट के विरोध में 19 दिन तक आंदोलन के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों का पारा चढ़ गया। प्लांट अन्यत्र शिफ्टिंग की मांग को लेकर उन्होंने गुरूवार को अमितग्राम से लेकर तहसील तक जुलूस निकाला। तहसील पहुंचने के बाद आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्लांट की अतिशीघ्र शिफ्टिग की मांग को लेकर एसडीएम कुमकुम जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भी भेजा। गुरूवार सुबह आंदोलित लोग लालपानी में कूड़ा निस्तारण प्लांट के बाहर जमा हुए। उन्होंने प्लांट की शिफ्टिंग की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्लांट से अमितग्राम से होते हुए गुमानीवाला तक जुलूस निकाला। हरिद्वार बाइपास मार्ग से लोग गौरा देवी चौक पहुंचे। नारेबाजी करते हुए लोगों ने तहसील में धरना दिया। प्रदर्शन में कहा कि प्लांट निर्माण से पहले ही इसका विरोध था, मगर उनकी मांग को नजर अंदाज किया गया।
प्लांट से दुर्गंध और प्रदूषण की आशंका
पूर्व ही दुर्गंध और प्रदूषण की आशंका थी, जोकि प्लांट संचालन के बाद सही साबित होती भी दिखी है। अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद उन्होंने मनमाने ढंग से प्लांट को आबादी क्षेत्र में थोप दिया। अब प्लांट में कचरा पहुंचने के बाद से दुर्गंध से सांस भी लेना है। स्वास्थ्य खराब होने और भूमिगत जलस्रोत के भी प्रदूषित होने की आशंका बनी हुई है। कचरे के चलते वन्यजीव भी आबादी में धमकने लगे हैं। शिफ्टिंग के लिए कई बार मांग करने पर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रूख अख्तियार करना पड़ा है।
प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी
आक्रोशित लोगों ने चेताया कि प्लांट हटने के बाद उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, सुधीर राय, लालमणि रतूड़ी, रंजीत थापा, जयेंद्र रमोला, आशुतोष शर्मा, सत्य कपरूवाण, मनोरमा भट्ट, नीलम, करन राणा, रामप्यारी, ललिता देवी, निर्मला देवी, बबीता भट्ट, सुचिता जोशी, प्रभा रतूड़ी, माहेश्वरी बिष्ट, दीना सजवाण, अनिल पैन्यूली, नीलम गोदियाल, ज्योति, राधा, बृजमोहन, सीमा गुप्ता, अंजू पाल, नीलम चमोली, ऊषा देवी, सरोजनी देवी, सीता पंवार, कंचन कंडवाल, मंजू उनियाल, इमला देवी, भूमा असवाल आदि शामिल रहे।
प्रदर्शन में बच्चों ने भी जताई चिंता
-कूड़ा निस्तारण प्लांट के विरोध में गुरूवार को बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्ग भी दिखे। उनमें स्कूली बच्चे भी नजर आए। निजी स्कूल में अध्ययनरत बच्चों ने बताया कि यह उनके भविष्य का सवाल है। वह स्वस्थ रहेंगे, तो कही उनका भविष्य उज्जवल होगा। बोले, यह किसी एक की नहीं, बल्कि कूड़ा निस्तारण प्लांट के आसपास बसी हजारों की आबादी से जुड़ा मामला है। कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह प्लांट को ऐसी जगह स्थापित करती, जोकि आबादी क्षेत्र से दूर होता है। इससे कचरा निस्तारण में किसी को समस्या भी नहीं होती।
मेयर ने वार्ता से समाधान की बात कही
कचरा निस्तारण की प्रक्रिया पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। बावजूद, नगर निगम प्रशासन ने अभीतक एक्शन नहीं लिया है। जनप्रतिनिध के तौर पर हम उनके साथ हैं। समझने की जरूरत है कि यह जगह केंद्र सरकार ने दी है। वनभूमि को हस्तांतरित कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए ही किया गया है। इसमें रूकावट पैदा कर लोग खुद का ही नुकसान कर रहे हैं। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। वार्ता के माध्यम से मुद्दे का हल निकालने के लिए नगर निगम प्रशासन हरवक्त तैयार है। -शंभू पासवान, मेयर, ऋषिकेश


