विकासनगर। तहसील कालसी के ग्राम बोसान में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण, पेड़ों के कटान और भूमि अभिलेखों में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने कालसी तहसील में प्रदर्शन कर जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और जांच समितियां गठित होने के बावजूद मामले में अंतिम कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 1951-52 के बंदोबस्त अभिलेखों में ग्राम बोसान की 194.68 एकड़ भूमि यमुना नदी, बंजर भूमि और जंगल-झाड़ी सहित विभिन्न श्रेणियों में दर्ज थी। वहीं, वर्ष 1983-84 के अभिलेखों में भूमि की श्रेणियों में बदलाव होने का दावा किया गया है।ग्रामीणों ने दोनों अभिलेखों का मिलान कर भूमि की श्रेणियों में बदलाव और निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज प्रविष्टियों की वैधता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के बैराज के लिए लगभग 36.7473 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण से पहले भी संबंधित भूमि के स्वामित्व और मूल श्रेणी की जांच कराने की मांग उठाई है।
पेड़ों के कटान की भी हो जांच:
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम समाज की भूमि, सार्वजनिक रास्तों, जलस्रोतों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर कथित अतिक्रमण के साथ पेड़ों के कटान और अवैध खनन से जुड़ी शिकायतों की भी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 18 नवंबर 2025 को चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। 18 दिसंबर 2025 को जिला खान अधिकारी की ओर से जांच आख्या प्रस्तुत किए जाने का भी उल्लेख है। इसके अलावा 11 अगस्त और 26 सितंबर 2026 को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने का दावा किया गया है। इसके बावजूद अंतिम कार्रवाई लंबित होने का आरोप लगाया गया है।
जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग:
ग्रामीणों ने पुराने और नए भूमि अभिलेखों का तुलनात्मक परीक्षण कराने, पूर्व में गठित जांच समितियों की रिपोर्ट और अब तक की कार्रवाई सार्वजनिक करने तथा उपलब्ध जीपीएस फोटो-वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में चतर सिंह, मिजाव सिंह, संजय सिंह, आनंद सिंह्र अजब सिंह, शशीपाल सिंह, कृपाल सिंह, नीना देवी, विनीता, पूनम,सरदार सिंह, गंभीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


