अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों ने सब स्टेशन पर दिया धरना
हरिद्वार। अघोषित बिजली कटौती और बार-बार लिए जा रहे शटडाउन से परेशान ग्रामीणों का शुक्रवार को गैंडीखाता विद्युत सब स्टेशन पर गुस्सा फूट पड़ा। पीली पड़ाव ग्राम प्रधान शशि झंडवाल के नेतृत्व में गैंडीखाता, दुधाला दयालवाला, चिड़ियापुर, लाहड़पुर समेत कई गांवों के ग्रामीण सब स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिजली कटौती को लेकर जवाब मांगा। ग्राम प्रधान शशि झंडवाल ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और निर्धारित रोस्टिंग के रातभर बिजली बंद कर दी जाती है। सब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी शिकायतों के बावजूद आपूर्ति बहाल करने में लापरवाही बरतते हैं।उन्होंने कहा कि घरों की बिजली की तार बदलने और मीटर लगाने के नाम पर बार-बार शटडाउन लिया जाता है। जबकि प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर टीपीएम लगा हुआ है। इसके बावजूद पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गुरुवार को गैंडीखाता सब स्टेशन से दिनभर में 20 से अधिक बार शटडाउन लिया गया। वहीं रात में करीब 10 बजे से एक बजे तक पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद रही। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान कोई निर्धारित रोस्टिंग या वैध कटौती नहीं थी। बिजली बंद रहने से उमस और गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने में संजय सैनी, बंटी, विक्रम चौहान, भगवान रावत, रजनीश सैनी, दर्शन सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं, ऊर्जा विभाग के एसडीओ कमलराज नेगी ने बताया कि गैंडीखाता क्षेत्र में रात तीन घंटे की रोस्टिंग रही थी। रोस्टिंग का समय पावर ग्रिड की सप्लाई के आदेश के अनुसार निर्धारित किया जाता है। उन्होंने बताया कि दिन में सरकार के स्मार्ट मीटर बदलने का काम चल रहा है। अन्य क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू है।


