देहरादून। गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय व डॉ. केकेबीएम सुभारती अस्पताल में एक दिवसीय जोनल स्तरीय सतत् चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम में चिकित्सा की आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई। शुक्रवार को बायोकेमिस्ट्री विभाग की ओर से समेकित जैव-रसायन व आणविक चिकित्सा में भविष्य की प्रवृत्तियां विषय पर सतत् चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. (ब्रिग.) वीपी. सिंह, कुलपति डॉ. देश दीपक व प्राचार्य डॉ. अनिल मेहता ने किया। डॉ. वीपी. सिंह ने कहा कि जैव-रसायन और आणविक चिकित्सा भविष्य में सटीक व व्यक्तिगत चिकित्सा की आधारशिला बनेगी। कुलपति डॉ. देश दीपक ने ऐसे शैक्षणिक आयोजनों को चिकित्सकों के निरंतर ज्ञानवर्धन बताया, प्राचार्य डॉ. अनिल मेहता ने शोध व नवाचार को चिकित्सा शिक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए युवा चिकित्सकों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की ओर से इस कार्यक्रम को 3 क्रेडिट घंटे दिए गए।
वैज्ञानिक सत्रों में एमएएमसी दिल्ली की डॉ. अनुभूति, एम्स ऋषिकेश की डॉ. मनीषा नैथानी और ग्राफिक एरा के डॉ. नीरज गुप्ता सहित कई विशेषज्ञों ने नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग, सेप्सिस निदान व कैंसर जांच की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी।
इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल द्वारा इस कार्यक्रम को 3 क्रेडिट घंटे दिए गए।
कार्यक्रम में कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशान्त भटनागर, उप प्राचार्य डॉ. रूपा हंसपाल, डॉ. सुकन्या गंगोपाध्याय, डॉ. किरण भट्ट, डॉ. तारिक मसूद, डॉ विनीता कालरा, डॉ रितेश श्रीवास्तव, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं शोधार्थी मौजूद रहे।


