बागेश्वर। आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखने के उद्देश्य से आगामी 02 जुलाई को जनपद की चारों तहसीलों में व्यापक आपदा आधारित मॉक अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी एन. एस. नबियाल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में तैयारियों का जायजा लिया गया तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मॉक अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय पर आवश्यक संसाधनों, उपकरणों एवं मानवबल के साथ उपस्थित रहकर अभ्यास को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता का परीक्षण करना है।
मॉक अभ्यास के दौरान भूकंप, भूस्खलन तथा अतिवृष्टि एवं क्लाउडबर्स्ट जैसी प्राकृतिक आपदाओं पर आधारित काल्पनिक परिस्थितियों का निर्माण किया जाएगा। बागेश्वर तहसील में बादल फटने और भूस्खलन, गरुड़ में 7.2 तीव्रता के भूकंप, कपकोट में अतिवृष्टि के कारण सरयू नदी में लोगों के फंसने तथा कांडा क्षेत्र में भूस्खलन से मोटर मार्ग अवरुद्ध होने की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा।
इस मॉक ड्रिल में पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, विद्युत विभाग, पशुपालन विभाग, राजस्व विभाग, होमगार्ड तथा आपदा मित्रों सहित विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों की टीमें सक्रिय भागीदारी करेंगी। प्रत्येक तहसील में संबंधित उपजिलाधिकारी एवं इंसिडेंट कमांडर के नेतृत्व में अभ्यास संचालित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने के साथ-साथ जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


