विकासनगर। औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में लंबे समय से जारी अघोषित विद्युत कटौती और बदहाल बिजली व्यवस्था के खिलाफ शुक्रवार को उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। दल के जिलाध्यक्ष (पछुवादून) के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता शुक्रवार को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के सेलाकुई कार्यालय पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता की इस गंभीर समस्या की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। उक्रांद के जिलाध्यक्ष जितेंद्र पंवार ने कहा कि सेलाकुई एक प्रमुख औद्योगिक हब होने के साथ-साथ घनी आबादी वाला आवासीय क्षेत्र भी है, इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के दिन-रात घंटों बिजली काटी जा रही है।इस अघोषित कटौती से आम जनता, छात्र, व्यापारी, किसान और छोटे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हैं। लगातार होने वाले वोल्टेज के उतार-चढ़ाव और कटौती के कारण लोगों के घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं और भीषण गर्मी के इस मौसम में बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की अधिकांश पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से विद्युत व्यवस्था पर निर्भर होने के कारण बिजली कटते ही पानी का भी हाहाकार मच जाता है, जबकि परीक्षाओं और सामान्य दिनों में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे उक्रांद कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सेलाकुई क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। किसी तकनीकी कारण से विद्युत आपूर्ति बाधित करनी भी पड़े, तो उसकी पूर्व सूचना अनिवार्य रूप से जनता को दी जाए। इसके साथ ही क्षेत्र की जर्जर विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मर और अन्य खराब उपकरणों का जल्द रखरखाव व प्रतिस्थापन किया जाए। कहा कि विद्युत आपूर्ति को नियमित व निर्बाध बनाया जाए ताकि उद्योगों और नागरिकों को परेशानी न उठानी पड़े। दल ने जन-शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु एक प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने और संबंधित लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी पुरजोर मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में अतुल बेंजवाल, विपिन अंथ्वाल, यशपाल, हरीश कुनियाल, पीयुष नेगी, बलबीर सिंह, सुरेंद्र शर्मा, भूपेश मखलोगा, इंदर सिंह चौहान, सुखदेव सिंह रावत, प्रीतम सिंह रावत, जगदीश सिंह नेगी, जयकृष्ण समवाल, प्रकाश भट्ट, पंचम सिंह, निरंजन चौहान, मीरा देवी, निरंजन सिंह चौहान आदि शामिल रहे।


