हरिद्वार। राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में मिले बाबा के शव के मामले में हरिद्वार पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों ने नशे की लत के चलते घटना को दिया था अंजाम। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य हत्या की गुत्थी सुलझाई। 14 अप्रैल को वन विभाग के कर्मचारी द्वारा सूचना दी गई थी कि पार्क क्षेत्र में एक व्यक्ति लहूलुहान अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान न होने पर पुलिस ने स्वयं वादी बन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के घाटों, बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर पूछताछ की। साथ ही डिजिटल सर्विलांस का भी सहारा लिया गया। जांच के दौरान यह संकेत मिले कि आरोपी नशे के आदी हैं और मोबाइल का उपयोग नहीं करते। 17 अप्रैल को हिल बाईपास स्थित फ्लाईओवर के पास पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को घेरकर पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ में दोनों ने बाबा की हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों की पहचान मनोज कुमार उर्फ चिकना (25 वर्ष) निवासी इटावा और रोहित कुमार (19 वर्ष) निवासी पटना के रूप में हुई है। हालांकि, बाबा की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, जिसके लिए प्रयास जारी हैं।


