Latest Posts

मजदूर आंदोलनों के दमन के खिलाफ रुद्रपुर में गरजे श्रमिक संगठन


रुद्रपुर। नोएडा, गुड़गांव, पानीपत और मानेसर सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे मजदूर आंदोलनों पर कथित दमन के विरोध में संयुक्त श्रमिक मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को गांधी पार्क में विभिन्न मजदूर संगठनों और यूनियनों ने सभा कर अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस मनाया। सभा को संबोधित करते हुए ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव केके बोरा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लागू की गई श्रम संहिताओं के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों से 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है। इससे असंतोष बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सीएसटीयू के केंद्रीय अध्यक्ष मुकुल ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में किए गए संशोधनों का इस्तेमाल मजदूर आंदोलनों को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल के अधिकार पर रोक लगाते हुए कई मजदूरों को हिरासत में लिया गया है और उनके परिजनों को जानकारी तक नहीं दी जा रही है। इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर कोषाध्यक्ष दिनेश ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बढ़ती गैस कीमतों, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च के बीच मजदूरों की आय बेहद कम है। उन्होंने कहा कि यदि मजदूर 20 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं, तो इसे मानने में सरकार को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। भाकपा (माले) के जिला सचिव ललित मटियाली ने मांग की कि गिरफ्तार मजदूरों को तत्काल रिहा किया जाए। न्यूनतम मजदूरी 42 हजार रुपये की जाए और श्रमिक विरोधी चारों श्रम संहिताओं को तत्काल निरस्त किया जाए। सभा को अनिता अन्ना, निरंजन लाल, सौरभ, हीरा राठौर और हरेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान आइसा के प्रदेश सचिव धीरज कुमार, उत्तम दास, महेंद्र राणा, सेवाराम, मुनीब यादव, नागेंद्र यादव, वीरेंद्र नेगी, रामप्रवेश, उमाशंकर यादव, संजय पांडेय, कमलेश ढाली, विजेंद्र, कमल सिंह, प्रकाश बोरा, मृत्युंजय और आकाश भारती सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.