लखनऊ। आज उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस ने महिला आरक्षण अधिनियम को 2023 में पास होने के बाद अब तक लागू न करने पर भाजपा की नियत पर सवाल उठाए और महिलाओं को आरक्षण देने में भाजपा मोदी सरकार द्वारा शर्तें लगाने पर कांग्रेस ने घोर आपत्ति करते हुए महिलाओं को शीघ्र आरक्षण देने और 2023 में पास हो चुके ” महिला आरक्षण अधिनियम-2023 ” को लागू करने की मांग की ।
नेता विधानमंडल दल कांग्रेस श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने विधानसभा के विशेष सत्र में बोलते हुए कहा कि देश की आधी आबादी अपने हक के लिए सरकार की तरफ देख रही है, लेकिन भाजपा और मोदी सरकार इस मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है, भाजपा महिलाओं के नाम पर राजनीति बंद करे ,
आराधना मिश्रा मोना ने कहा यह पक्ष – विपक्ष का मुद्दा नही, यह राजनीति का मुद्दा नही यह देश कि आधी आबादी के हक और अधिकार का मुद्दा है, भाजपा विपक्ष पर आरोप लगा रही लेकिन यह नही बता रही कि जब महिला आरक्षण विधेयक कानून बिल 2023 में पास हो गया था, जिसे कांग्रेस पार्टी ने पूरा समर्थन दिया और पास करवाने में हम सरकार के साथ इस मुद्दे पर खड़े रहे उसके बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी, उसके बावजूद उसे अब तक क्यों लटका कर रखा,? और अब कहा जा रहा है कि हम लोकसभा सीटों का परिसीमन करने के बाद आरक्षण देंगे, परिसीमन का महिला आरक्षण से दूर-दूर तक कोई ताल्लुक और वास्ता नहीं,
नेता विधान मंडलदल कांग्रेस श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि आज भाजपा महिलाओं को आरक्षण देने के बजाय कांग्रेस पर आरोप लगा रही है तो उनको जान लेना चाहिए कांग्रेस ने सदैव नारी सशक्तिकरण के लिए अधिकार देने की वकालत की, कांग्रेस पार्टी की पांच राष्ट्रीय अध्यक्ष महिलाएं रहीं हैं, देश की पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रूप में नारी सशक्तिकरण का जीता जागता उदाहरण है जो कांग्रेस पार्टी की थीं, देश की पहली राष्ट्रपति कांग्रेस पार्टी ने महिला दिया देश की पहली लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार जी के रूप में कांग्रेस पार्टी ने बनाया, देश की पहली महिला जज भी कांग्रेस के समय में बनी , उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी भी कांग्रेस पार्टी की थीं
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि जो भाजपा के लोग आज कांग्रेस पर महिलाओं के विरोध का झूठा आरोप लगा रहे हैं, क्या वह हिम्मत कर पाएंगे कि वह अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी महिला को बनाएं ? क्या बीजेपी के साथ-साथ संघ में हिम्मत है कि वह अपना सर संघ प्रमुख किसी महिला को बनाएंगे? क्या भाजपा में दम है कि वह अपना अगला प्रधानमंत्री पद का चेहरा किसी महिला को घोषित करेंगी ? सरकार हो या संगठन भाजपा ने हर जगह महिलाओं को उपेक्षित किया है, इसीलिए देश की आधी आबादी इनकी गलत नियत समझ चुकी है ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा महिला सशक्तिकरण के लिए सबसे ज्यादा कानून कांग्रेस पार्टी ने बनाए, कांग्रेस पार्टी ने सदैव महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार देने की वकालत की है , आजादी से पहले सन 1928 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष पंडित मोतीलाल नेहरू ने एक रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस कार्यसमिति में रखी और महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार और वोट देने के अधिकार की वकालत की, 1931 में कराची अधिवेशन में सरदार वल्लभभाई पटेल की अध्यक्षता में इन अधिकारों को स्वीकार कर भारत पूरे विश्व में महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बना, राजीव गांधी जी ने देश की आधी आबादी को पंचायतों में आरक्षण के लिए 64 वाँ और 65 वां संशोधन लाए लेकिन उसका विरोध तत्कालीन जनसंघ भाजपा ने किया और उसे संघवाद के खिलाफ बताया, लेकिन कांग्रेस रुकी नही,उसके बाद नरसिम्हा राव जी की कांग्रेस सरकार ने 73 वाँ और 74 वाँ संशोधन लाकर पंचायत में अधिकार दिया जिससे 40 लाख पंचायत प्रतिनिधियों में 15 लाख महिलाएं है यह कांग्रेस की देन थी, महिलाओं की भागीदारी की, उसके पश्चात 2008 में मनमोहन सिंह जी की कांग्रेस सरकार ने सोनिया गांधी जी की पहल पर 108 वां संविधान संशोधन विधेयक कर लोकसभा और विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का बिल रखा, जो राज्यसभा में पास हुआ लेकिन तत्कालीन विपक्ष भाजपा ने के असहमति से लोकसभा में पेश नही हो पाया,
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि हमारी नियत और इरादा साफ है इसीलिए हिंदी कोड बिल (1955- 56 ) के माध्यम से महिलाओं को संपत्ति, विवाह और तलाक में सामाजिक बराबरी का अधिकार दिया, दहेज निषेध अधिनियम 1961, मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 , समान वेतन अधिनियम 1976, राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990 में लाकर 1992 में महिला आयोग की स्थापना कांग्रेस सरकार ने की, और 73वां 74वां संविधान संशोधन 1992- 93 में कांग्रेस पार्टी ने किया, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 , हिंदू उत्तराधिकार संशोधन अधिनियम 2005, कांग्रेस लाई, जिसमें बेटियों को पैतृक संपत्ति में पुत्रों के बराबर अधिकार दिया गया, कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम( रोकथाम के लिए) 2013 में कांग्रेस लाई, और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 2013 “निर्भया एक्ट” कांग्रेस लेकर आई, यह है कांग्रेस की नियत जो महिलाओं के हित में कानून बनाए भागीदारी दी राजनीति नही की ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा की उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में हमारी नेता प्रियंका गांधी जी के नेतृत्व में बिना आरक्षण कानून के 33% से ज्यादा 40% टिकट महिलाओं को दिए गए, लेकिन आप राजनीति कर रहे हैं, 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हुआ कांग्रेस ने पूर्ण समर्थन दिया 454 वोट पड़े, राज्यसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ लेकिन आप उसको लागू न करके दोबारा 2026 में बिल आते हैं और उसमें परिसीमन की शर्त जोड़ देते हैं, आखिर महिलाओं को आरक्षण देने के लिए शर्त क्यों जोड़ी जा रही है ? बिल तो पास हो चुका है यह विरोध महिला आरक्षण का नहीं महिला आरक्षण की आड़ में शर्तों के खिलाफ था , यदि 2023 में कानून लागू हो गया होता तो 543 में से 181 महिलाएं लोकसभा में होंती, लेकिन अभी यह संख्या मात्र 74 है 13.62% ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने की दावा बीजेपी करती है तो पहले अपने दल में लागू करें 33% पदों पर महिला आरक्षण दीजिए, अभी क्या स्थिति है … भाजपा में महिलाओं की राष्ट्रीय कार्यकारिणी जिनकी संख्या 396 है लेकिन महिलाएं सिर्फ 37, संसदीय बोर्ड 12 सदस्यों का है सिर्फ एक महिला सदस्य,आज तक कोई महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनी , सरकार में 72 मंत्री हैं लेकिन महिलाएं सिर्फ 7 हैं ,उसमें केवल दो कैबिनेट मंत्री, और आर.एस.एस. 100 साल का जश्न मना रहा है लेकिन आज तक एक भी महिला प्रमुख नही बनाया, यहां आपको कौन सा संशोधन करना है ? बड़ी-बड़ी बातें भागीदारी बहुत छोटी यह है बीजेपी की नियत ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि क्या भाजपा प्रधानमंत्री पद के लिए किसी महिला का नाम घोषित करेगी ? क्या राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए महिला लायेगी ?
नेता विधानमंडल दल कांग्रेस श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने आज विधानसभा की विशेष सत्र में नियम 110 के अंतर्गत स्पष्ट मांग रखी कि 33% महिला आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू होना चाहिए, बिना किसी शर्त के,और राज्य की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार द्वारा यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाय ,जिससे 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में महिलाएं नेतृत्व कर सकें ,उन्हें भागीदारी मिल सके ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है हम सब महिलाएं मिलकर इस लड़ाई को लड़ेंगे , “सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद ना आएंगे ” अब महिलाएं खुद अपनी लड़ाई लड़ेंगीं और कांग्रेस इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है ।


