बागेश्वर। पार्टी कार्यालय में गुरुवार को कांग्रेस के नेताओं ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद की है। सरकार को सर्वसम्मति से महिला आरक्षण कानून 2023 को उसकी भावना के अनुरूप पारित करना चाहिए।
महिला आरक्षण की आवश्यकता: उत्तराखंड की महिलाओं को आरक्षण के साथ संरक्षण भी आवश्यक है। आरोप है कि अंकिता हत्याकांड में शामिल वीआईपी को सरकार अब भी बचाने में लगी है। कहा कि चमोली की पिंकी, हरिद्वार में दलित बेटी और चंपावत की नाबालिग के मामलों में भी भाजपा नेताओं पर आरोप हैं। उत्तराखंड की महिलाएं जंगल ही नहीं, बल्कि घर में भी सुरक्षित नहीं हैं।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल: राज्य के विभिन्न हिस्सों में आए दिन जंगली जानवर महिलाओं को निशाना बना रहे हैं, लेकिन सरकार ने न तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं और न ही खेती को बचाने के लिए कोई प्रभावी योजना बनाई है। कांग्रेस का आरोप है कि विशेष सत्र में इस मुद्दे को उठाने के बावजूद सरकार मौन रही।
आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिला आरक्षण लागू नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। यहां जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, लोकमणि पाठक और मनोज साह आदि रहे।


