विकासनगर। मिट्टी की सेहत सुधारने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के मकसद से प्रदेशभर में खेत बचाओ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में 2,375 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें करीब 1.20 लाख किसानों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया है। ये बातें शनिवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने ढकरानी में खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ करने के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि का संरक्षण और वैज्ञानिक खेती समय की जरूरत है। जैविक और मिलेट्स की खेती कर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। खेत बचाओ अभियान के माध्यम से किसानों को कृषि योग्य भूमि के संरक्षण और उसकी उत्पादकता बढ़ाने के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को परंपरागत फसलों के साथ मिलेट्स, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और सुगंधित पौधों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन फसलों के माध्यम से किसान आय के नए स्रोत विकसित कर सकते हैं। कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, हरबर्टपुर नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, कृषि निदेशक दिनेश कुमार, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, रेशम निदेशक प्रदीप सिंह, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
कम भूमि में कर सकते हैं बेहतर उत्पादन
पॉलीहाउस जैसी आधुनिक सुविधाओं से कम भूमि में बेहतर उत्पादन और वर्षभर सब्जियों की खेती की संभावनाएं बढ़ाई जा सकती हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना और उन्हें नई तकनीकों की जानकारी देना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि विज्ञान केंद्रों, विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती के तरीके बताए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से कृषि भूमि के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को सामूहिक अभियान बनाने की अपील की।
किसानों को चेक और बीज वितरित
इस दौरान कृषि मंत्री ने कृषि यंत्रीकरण योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। साथ ही स्थानीय फसलों के पंजीकरण प्रमाणपत्र और किसानों को सब्जियों के बीज भी प्रदान किए।


