हरिद्वार। अमरकंटक में आयोजित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार सम्मेलन में हरिद्वार के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया गया। इस दौरान देशभर से पहुंचे सेनानी और शहीद परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन श्रीयंत्र महामेरु शक्तिपीठ, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के परमाध्यक्ष महंत स्वामी शरद पुरी के सान्निध्य में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम से हुआ। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
हरिद्वार के सेनानियों के योगदान को किया याद
समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को अपने पूर्वजों के त्याग और योगदान से मिली गरिमा को पहचानना चाहिए। देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने परिवारों को सम्मानित करने के लिए शक्तिपीठ का आभार जताया। साथ ही, स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए हरिद्वार में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर को ज्वालापुर में जटवाड़ा पुल के निकट शहीद जगदीश वत्स पार्क का सौंदर्यीकरण कराया गया था। इसके बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद कीर्ति स्तंभ का लोकार्पण किया गया। स्तंभ पर 529 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम अंकित हैं। इसी अवसर पर ‘स्वाधीनता के पथिक हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी’ पुस्तक का विमोचन भी हुआ। उन्होंने अन्य जिलों और राज्यों में भी सेनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए ऐसे प्रयास करने की अपील की।
स्वामी हरिहरानंद के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान का उल्लेख
महंत स्वामी शरद पुरी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के वंशजों का सम्मान करना राष्ट्रभक्ति का सम्मान है। उन्होंने अपने कुलगुरु स्वामी हरिहरानंद को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। कहा कि स्वामी हरिहरानंद ने वाराणसी में एक बावड़ी के भीतर सुरंग बनाकर तहखाने में प्रेस स्थापित किया था। वहां से क्रांतिकारियों के लिए निर्देश पत्र छापकर वितरित किए जाते थे। स्वामी हरिहरानंद स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पंडित मदन मोहन मालवीय के साथ जेल में भी रहे थे। सम्मेलन में मातृशक्ति मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपा दास, छत्तीसगढ़ की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. उषा वाजपेयी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश वाजपेयी, डॉ. राजा भइया मिश्र, डॉ. आलोक चंसोरिया, राजेश प्रताप सिंह, युवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह, कमल अग्रवाल, राधेश्याम सोनी, सुधीर कुमार पांडे, प्रमोद कुमार द्विवेदी, दुष्यंत दुबे, नरेश कुमार यादव, महेश कुमार वर्मा और डॉ. शकुंतला जितपुरे सहित अन्य प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में आदित्य प्रताप सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म ‘नोटिस’ का प्रचार भी किया गया। आयोजन के दौरान स्वामी प्रज्ञा पुरी, स्वामी ऋचा पुरी, स्वामी आस्था पुरी, स्वामी नित्यपुरी, स्वामी संज्ञा पुरी, स्वामी शिखा पुरी, स्वामी सनत पुरी, स्वामी सत्यम पुरी, स्वामी गोधन पुरी, स्वामी आज्ञा पुरी, स्वामी गार्गी पुरी और स्वामी सनातन पुरी को संगठन की ओर से पटका और मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया।


