बागेश्वर। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और सक्रियता का परिचय देते हुए दूरस्थ गांवों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित की है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने शनिवार को तहसील कपकोट के अंतर्गत ग्राम पौंसारी सहित चचई, कनियालीकोट, अनरसा, बैसानी, नान और पौंसारी क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आपदा के बाद चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति का सूक्ष्म मूल्यांकन किया। निरीक्षण के उपरांत आयोजित बैठक में उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुनर्निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जाएं और बरसात से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं, जिससे प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके। साथ ही, कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।
क्षेत्र में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जल संस्थान को बैसानी पेयजल लाइन के एक सप्ताह के भीतर सुधारीकरण कर निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, वहीं सिंचाई विभाग को पौंसारी गदेरे में प्रोटेक्शन वर्क, ड्रेजिंग, नाले से बोल्डर हटाने तथा वॉल प्रोटेक्शन कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा। खंड विकास अधिकारी को सड़क से मानीगैर तक क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
विद्युत व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीर रुख अपनाते हुए यूपीसीएल के अधिकारियों को केस-टू-केस सत्यापन कर एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों की शीघ्र मरम्मत कर आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने पर बल दिया गया। जल संस्थान को प्रत्येक घर तक पेयजल पहुंचाने के बाद ग्राम प्रधान के माध्यम से प्रमाण पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए, जबकि बीडीओ को सभी क्षतिग्रस्त घराटों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने को कहा गया।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 14 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षेत्र में छह पुलों के निर्माण हेतु टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है, जिनका कार्य मई माह से प्रारंभ किया जाएगा। वहीं सिंचाई विभाग द्वारा पौंसारी गदेरे के प्रोटेक्शन कार्य के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने ग्राम नान में पुल की मरम्मत, चचई में पुलिया निर्माण तथा घराटों के पुनर्निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, उप जिलाधिकारी कपकोट अनिल चन्याल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की यह सक्रियता न केवल पुनर्निर्माण कार्यों को गति दे रही है, बल्कि आपदा से जूझ रहे ग्रामीणों के मन में भरोसे का संचार भी कर रही है।


