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पृथ्वी को हरा भरा रखने का लिया संकल्प


ऋषिकेश। तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को पृथ्वी दिवस धूमधाम से मनाया गया। पृथ्वी दिवस पर विभिन्न संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें पौधरोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और पृथ्वी को हरा भरा बनाए रखने का संकल्प लिया गया। ढालवाला स्थित ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल में पृथ्वी दिवस के उपलक्ष में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने मिलकर विद्यालय परिसर में पौधे रोपे। विद्यालय सचिव कैप्टन सुमंत डंग ने कहा कि बिन अर्थ, सब व्यर्थ। यह सम्पूर्ण जीवन का शाश्वत सत्य है। यदि पृथ्वी न हो, तो न जीवन होगा, न जल होगा, न वायु होगी, न अन्न होगा और न ही यह सुंदर संसार होगा। हमारी हर सांस, हर धड़कन, हर आशा और हर भविष्य पृथ्वी पर ही आधारित है। इसलिए पृथ्वी का संरक्षण केवल पर्यावरण की बात नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस दौरान कला, फेंस पेंटिंग आदि प्रतियोगिताएं भी हुई। मौके पर विद्यालय प्रबंधक मोहन डंग, पूजा डंग, महिमा डंग, प्रधानाचार्य बिंदु शर्मा, आरती कुरियाल, ज्योति कोठियाल, दीपा शर्मा आदि उपस्थित रहे।
–आईडीपीएल स्थित पीएमश्री राजकीय इंटर कालेज में विश्व पृथ्वी दिवस पर पौधरोपण और स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया। प्रधानाचार्य नरेंद्र गुलेरिया ने कहा जिस स्तर से पृथ्वी का तापमान बड़ रहा हैं, वह आने वाले समय के लिए पानी की किल्लत का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि एक दिन वह भी देखने को मिलेगा जब लोग अपने साथ ऑक्सीजन लेकर चलने को मजबूर होंगे। इसलिए अधिक से अधिक पौधरोपण करना और पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। मौके पर कार्यक्रम अधिकारी डा. त्रिलोक चंद्र सोनी, मनोज कुमार गुप्ता, हरेंद्र राणा, नरेंद्र सिंह रावत, ललित मोहन जोशी, सुशील सैनी, दिवाकर नैथानी, ऋषिराम उनियाल, शीला राणा, कमलेश शाही, सुनीता पंवार, अनिल भट्ट, आकाश, अमन, विजय आदि उपस्थित रहे।
–विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रयागराज के अरैल स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में प्रकृति, पर्यावरण एवं जल संरक्षण को समर्पित एक प्रेरणादायी जलाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि पृथ्वी केवल ग्रह नहीं, हमारी माता है। पृथ्वी केवल संसाधनों का भंडार नहीं, बल्कि समस्त जीवन का आधार है। यदि धरती सुरक्षित है, तो मानवता, संस्कृति, सभ्यता और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित है। जल, जंगल, जमीन और जीवन ये सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि हम पृथ्वी को बचाना चाहते हैं तो हमें जल संरक्षण, वृक्षारोपण और सतत जीवनशैली को अपनाना होगा। पद्मश्री एवं पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पृथ्वी को बचाने का समय अभी है। यदि हमने आज प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें क्षमा नहीं करेंगी। मौके पर संजय स्वामी, स्वामी वेद विद्यानन्द, योगी शुक्राई नाथ आदि उपस्थित रहे।
–नाटक के जरिए पर्यावरण की महत्ता बताई: डोईवाला। विश्व पृथ्वी दिवस पर पब्लिक इंटर कॉलेज में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र छात्राओं ने नाटक के जरिए पृथ्वी और पर्यावरण की महत्ता के बारे में बताया और लोगों को जागरूक किया। प्रधानाचार्य अंकित डोबरियाल ने कहा कि आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति को हरा भरा रखकर ही हम अपने जीवन को प्रदूषण मुक्त बना सकते हैं। मौके पर तेजवीर सिंह, शिक्षक अश्वनी गुप्ता, अवधेश सेमवाल, सुदेश सहगल, साक्षी सुंदरियाल, पूजा जोशी, चारू वर्मा, मोनिका, राधा गुप्ता, श्यामानंद, राजीव कंडवाल, अर्चना पाल, चेतन प्रसाद कोठारी, मयंक शर्मा, छात्र वरदान थापा, भूमि गुरुंग आदि उपस्थित रहे।
–लच्छीवाला में फलदार पौधे रोपे: लच्छीवाला नेचर पार्क में विश्व पृथ्वी दिवस पर ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून के इको क्लब से जुड़े छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। विवि के उत्साही विद्यार्थियों ने नेचर पार्क परिसर में 100 पौधे रोपित किए, जिनमें फलदार और फूलों वाले पौधे शामिल रहे। वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने कहा कि यदि युवा वर्ग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे आता है, तो भविष्य में एक सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल पर भी जोर दिया। इस दौरान सभी ने पृथ्वी को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया।

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