बागेश्वर। बैजनाथ पुल के समीप नदी में बड़ी मशीनों से किए जा रहे खनन का रविवार को तैलीहाट गांव के ग्रामीणों ने विरोध किया। आक्रोशित ग्रामीण नदी में उतर गए और मौके पर संचालित पोकलैंड मशीन को बंद करा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मानकों के विपरीत हो रहे खनन से गांव की सिंचाई योजना प्रभावित हो रही है, पैदल मार्ग बाधित हो गया है तथा बरसात के दौरान गांव और कृषि भूमि को खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार बैजनाथ पुल के पास नदी में बड़े पैमाने पर मशीनों से खनन किया जा रहा है, जिससे तैलीहाट की डाल सिंचाई योजना प्रभावित हुई है। साथ ही नदी से गांव को जोड़ने वाला रास्ता भी अवरुद्ध होने की स्थिति में पहुंच गया है। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से पूछा कि बड़ी पोकलैंड मशीनों से खनन की अनुमति किस आधार पर दी गई है।
ग्राम प्रधान पूजा मेहरा ने कहा कि खनन के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई है और गांव को जाने वाला मार्ग भी बाधित हो रहा है। ग्रामीण ठाकुर मेहरा ने बताया कि पैदल रास्ता अवरुद्ध हो चुका है तथा सिंचाई पंप योजना पर भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इसी क्षेत्र में बच्चों का श्मशान घाट भी स्थित है, जो अत्यधिक खनन के कारण असुरक्षित हो गया है।
ग्रामीण तेज सिंह मेहरा का आरोप है कि पोकलैंड मशीनों से नदी तल की व्यापक खुदाई की गई है, जिससे सिंचाई योजना को नुकसान पहुंचा है और खेतों पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं पुष्पा लोहनी ने कहा कि यदि बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ा तो खेतों के बहने की आशंका बढ़ सकती है। इधर, एसडीएम गरुड़ वैभव कांडपाल ने बताया कि तैलीहाट-बैजनाथ पुल के पास नदी में हो रहे खनन की जांच के लिए टीम भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि खनन मानकों के विपरीत पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


