बागेश्वर। विशेष पर्यावरण संरक्षण काल के अंतर्गत छाती और मनकोट क्षेत्र में हरियाली महोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। देवकी लघु वाटिका, मंडलसेरा के तत्वावधान में वन विभाग और भारतीय रेड क्रॉस बागेश्वर के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने व्यापक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान चंदन, रुद्राक्ष, जामुन, काफल, आंवला, च्यूरा, तेजपत्ता, नींबू, बॉटल ब्रश, मोरपंखी, रिंगाल और बांस सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। सभी प्रतिभागियों ने पौधों की नियमित देखभाल और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प भी लिया।कार्यक्रम के संयोजक वृक्ष मित्र किशन सिंह मलड़ा ने कहा कि पहाड़ों में चाल-खाल बनाने की परंपरा जल संरक्षण की अनूठी व्यवस्था रही है। इससे वर्षा जल का संचयन होता है, वन्यजीवों को पानी मिलता है और पौधों को पर्याप्त नमी भी मिलती है। उन्होंने लोगों से जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। पौधारोपण के साथ ही चाल-खाल का निर्माण भी किया गया।उन्होंने बताया कि काँडा सड़क चौड़ीकरण कार्य को देखते हुए सड़क के दोनों ओर बांस, रिंगाल तथा फलदार और चारा प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। इस अभियान की शुरुआत हरियाली महोत्सव से की गई है। उनका कहना था कि सड़क चौड़ीकरण के बाद इन पौधों से भूस्खलन की आशंका कम होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और सड़क सुरक्षा भी मजबूत होगी।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान छाती नंदा बल्लभ चौबे, ग्राम प्रधान मनकोट वैजयंती पांडे, भारतीय रेड क्रॉस बागेश्वर के चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण, सचिव आलोक पांडेय सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेकर हरियाली महोत्सव को जनभागीदारी का प्रेरक अभियान बनाया।


