बागेश्वर। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर गुरुवार को बागेश्वर के हरेला वन, जौलकांडे में प्रकृति संरक्षण को समर्पित भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री राम सिंह कैड़ा ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरित उत्तराखण्ड के निर्माण, जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है।
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने कहा कि जनपद में पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने गरुड़ गंगा परियोजना सहित विभिन्न पर्यावरणीय पहलों का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता बताया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्कूली छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। साथ ही आम नागरिकों को निःशुल्क पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण के जनआंदोलन को और मजबूत करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर राज्य स्तरीय अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद के उपाध्यक्ष भूपेश उपाध्याय, विधायक पार्वती दास, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, पुलिस अधीक्षक जीतेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
“हरेला का संदेश स्पष्ट है—एक पेड़ लगाएं, उसे बचाएं और आने वाली पीढ़ियों को हरियाली की अमूल्य विरासत सौंपें।”


