अल्मोड़ा। सावन मास के पहले सोमवार को विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के चार बजे से ही बाबा जागेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े नजर आए। बारिश के बीच भी भक्तों की आस्था अडिग रही और पूरे मंदिर परिसर में दिनभर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रावणी मेले के पहले सोमवार पर दूर-दराज के क्षेत्रों सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पार्थिव पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। दोपहर तक मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें बनी रहीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अधिकांश भक्त रविवार शाम को ही जागेश्वर पहुंच गए थे। इसके चलते जागेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट पूरी तरह भर गए। बिना पूर्व बुकिंग पहुंचे कई श्रद्धालुओं को अल्मोड़ा और अन्य स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था करनी पड़ी। श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक और शिवार्चन विशेष फलदायी माना जाता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं। इस बार भी कई श्रद्धालुओं ने भंडारों का आयोजन किया और प्रसाद वितरण किया। श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है तथा भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


