अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के हवालबाग प्रक्षेत्र में शुक्रवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए ‘पर्वतीय कृषि एवं संस्थागत नवाचार’ विषय पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि चुनौतियों, वैज्ञानिक अनुसंधान और ग्रामीण विकास की संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ फसल उत्पादन प्रभागाध्यक्ष डॉ. बृज मोहन पाण्डेय के स्वागत संबोधन से हुआ। इस दौरान संस्थान के फसल सुधार, फसल उत्पादन, फसल सुरक्षा और सामाजिक विज्ञान अनुभागों द्वारा संचालित अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने के लिए विभिन्न तकनीकों पर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में जनजातीय उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना तथा उत्तर-पूर्वी पर्वतीय कार्यक्रमों के तहत संचालित विस्तार गतिविधियों, तकनीक हस्तांतरण और किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण समुदायों के सशक्तीकरण और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रशिक्षु अधिकारियों ने संस्थान की अत्याधुनिक यांत्रिक कार्यशाला और ‘मिलेट वैल्यू चेन’ का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें पर्वतीय कृषि में मूल्य संवर्धन, कृषि यंत्रीकरण, लघु उद्यमिता तथा श्रीअन्न (मिलेट्स) आधारित प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के उन्मुखीकरण कार्यक्रम युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पर्वतीय कृषि की चुनौतियों और संभावनाओं को समझने में मदद करेंगे तथा भविष्य में जनहितकारी और व्यवहारिक नीतियां बनाने में उपयोगी साबित होंगे।


