रुद्रपुर। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (व्यापार समझौते) के विरोध में दिल्ली में प्रस्तावित किसानों की राष्ट्रीय महापंचायत में शामिल होने के लिए उत्तराखंड के किसानों का एक बड़ा जत्था मंगलवार को राजधानी दिल्ली पहुंचा। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह मोहार के नेतृत्व में जिले के किसान सीधे दिल्ली स्थित किसान घाट पहुंचे। दिल्ली पहुंचे किसानों ने केंद्र सरकार और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। हालांकि, दिल्ली की सीमाओं पर किसानों को रोके जाने के कारण प्रस्तावित महापंचायत नहीं हो सकी। गुरसेवक सिंह मोहार ने कहा कि यदि अमेरिका के साथ कृषि आधारित व्यापार समझौता किया जाता है तो इससे देश के छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में रियायत मिलने से भारतीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी किसानों को वहां की सरकार भारी सब्सिडी देती है, जबकि भारतीय किसान पहले से ही बढ़ती लागत और फसलों के उचित मूल्य नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। भारतीय कृषि को किसी भी सूरत में विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हवाले नहीं होने दिया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कृषि हितों के खिलाफ जाकर यह समझौता किया तो देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। दिल्ली पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मनजिंदर सिंह, मनविंदर सिंह, गुरनाम सिंह, गुरदेव सिंह, मंदीप सिंह और परविंदर सिंह सहित भाकियू (चढ़ूनी) के पदाधिकारी, स्थानीय किसान और युवा कार्यकर्ता शामिल रहे।


