रुद्रपुर। ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में रीड इंडिया की पहल पर रुद्रपुर ब्लॉक में परिश्रम कौशल हथकरघा कौशल प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया गया। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने केंद्र का रिबन काटकर उद्घाटन किया। केंद्र में महिलाओं को हथकरघा बुनाई का प्रशिक्षण देने के साथ तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। हथकरघा सहित अन्य उपयोगी कौशल का प्रशिक्षण मिलने से महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (रीड इंडिया) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गीता मल्होत्रा ने संस्था की ओर से महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रीड इंडिया देशभर में महिलाओं के कौशल विकास के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने का काम कर रही है। संस्था पहले महिलाओं की क्षमता और व्यावसायिक समझ विकसित करती है। इसके बाद उनकी रुचि और सुविधा के अनुसार विभिन्न कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं के समूह बनाकर उन्हें व्यावसायिक अवसरों से जोड़ा जाता है।
संस्था समुदाय-प्रथम दृष्टिकोण के तहत काम करती है, जिसमें समुदाय को केंद्र में रखते हुए संस्था मार्गदर्शन और सहयोग की भूमिका निभाती है। डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि उत्तराखंड सरकार के सहयोग से रुद्रपुर में नया बुनाई (वीविंग) सेंटर शुरू किया गया है। यहां रीड इंडिया के मास्टर ट्रेनर्स महिलाओं को हथकरघा बुनाई का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही तैयार उत्पादों की गुणवत्ता, बाजार की समझ और उन्हें बाजार से जोड़ने के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां खंड विकास अधिकारी आसित आनंद, ग्रामीण महिलाएं, संस्था के पदाधिकारी आदि रहे।


