रुड़की। हिंदू हृदय सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती के अवसर पर गंगनहर किनारे स्थित उनकी प्रतिमा पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान के साहस, पराक्रम और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद किया गया। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल पुंडीर ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान 12वीं सदी के महान राजपूत सम्राट थे। जिन्होंने अजमेर और दिल्ली को अपनी राजधानी बनाकर उत्तर-पश्चिम भारत के विशाल भूभाग पर शासन किया। वे अपनी अदम्य वीरता, उत्कृष्ट सैन्य कौशल और मोहम्मद गौरी के खिलाफ ऐतिहासिक प्रतिरोध के लिए सदैव स्मरण किए जाते हैं।


