अल्मोड़ा। आर्य कन्या इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में सोमवार को जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय ‘भारतीय ऊर्जा बास्केट 2047: संभावनाएं एवं चुनौतियां’ रहा। इसमें छात्र-छात्राओं ने भारतीय ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य शिक्षा अधिकारी हरक राम कोहली रहे। प्रधानाचार्य दीप्ति शाह और जिला विज्ञान समन्वयक विनोद कुमार राठौर के निर्देशन में आयोजित संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ ऊर्जा के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए वैज्ञानिक सोच, नवीन तकनीकों के विकास और ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना जरूरी है। प्रधानाचार्य दीप्ति शाह ने ऊर्जा संरक्षण को प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। जिला विज्ञान समन्वयक विनोद कुमार राठौर ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में ऊर्जा की उपलब्धता, गुणवत्ता, वहनीयता और सतत उपयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जलविद्युत सहित स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाने तथा ऊर्जा संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, वैज्ञानिक तथ्यों, अभिव्यक्ति और तार्किक विश्लेषण के आधार पर किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. प्रभाकर जोशी, पंकज जोशी और डॉ. दीप जोशी शामिल रहे। प्रतियोगिता में बोनाफाइड पब्लिक स्कूल चौखुटिया की गरिमा पपनोई ने प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज खूंट की गीतांजलि तिवारी ने द्वितीय और विजडम कॉन्वेंट हाई स्कूल चौखुटिया के आयुष्मान थापा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी राज्य स्तर पर अल्मोड़ा का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम में ब्लॉक विज्ञान समन्वयक, मार्गदर्शक शिक्षक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


