ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश में शुक्रवार को फूड एंड न्यूट्रिशन हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पैकेजिंग की जानकारियां दीं। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रभारी निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण जैसे व्यावहारिक विषय न केवल ज्ञानवर्धक हैं, बल्कि स्वरोजगार के लिए भी व्यापक संभावनाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की भावना विकसित होती है। बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ढालवाला के प्रभारी जगदीश सिंह पुरोहित ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी प्रदेश में फल एवं सब्जियों की प्रचुरता को देखते हुए इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर अनिल खरोला द्वारा फल एवं सब्जियों के संरक्षण, जैम, जेली, अचार, स्क्वैश आदि उत्पादों के निर्माण की विधियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पैकेजिंग के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। मौके पर डॉ. वंदना भंडारी, प्रो. संगीता मिश्रा, प्रो. हेमंत कुमार शुक्ला, आशा रावत, पूनम आदि उपस्थित रहे।


