ऋषिकेश। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि तीर्थनगरी ऋषिकेश में परिवहन से जुड़ी तमाम समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। परिवहन सेवा जैसे पुण्य कार्य में लगे वाहन स्वामी और चालक अतिथि देवो भव: की भावना से काम करें। ऋषिकेश में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना होगी। एमडीडीए को शीघ्र इसका प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके लिए वन मंत्री सुबोध उनियाल से भी मदद ली जाएगी। गुरुवार को तीर्थनगरी की तमाम परिवहन संस्थाओं की ओर से हरिद्वार मार्ग स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के स्वागत में कार्यक्रम रखा गया। सभी यूनियन के प्रतिनिधियों ने उनके समक्ष प्रमुख समस्याएं रखी। इस दौरान मंत्री प्रदीप बत्रा ने ऋषिकेश की प्रमुख समस्या ट्रांसपोर्ट नगर के समाधान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एमडीडीए की मदद से ट्रांसपोर्टनगर की स्थापना होगी। उत्तराखंड में पंजीकृत ट्रक पहाड़ पर भी संचालित होंगे और अन्य प्रांत के ट्रकों पर रोक लगेगी, इसके लिए शासनादेश लाया जाएगा। ओवरलोडिंग रोकने के लिए सरकार राज्य की सीमा में चार स्थानों पर धर्म कांटा लगाने जा रही है। लोड ट्रकों का पुलिस और उसकी अन्य शाखाओं के द्वारा जगह-जगह चेकिंग के नाम पर चालान किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह अधिकार सिर्फ परिवहन विभाग को होना चाहिए। इसके लिए भी कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। चालान की राशि का भुगतान क्यूआर कोड के जरिये करने की सुविधा होगी। डिस्मेंटल वाहनों सहित अन्य टैक्स की समस्याओं के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लाई जा रही है। क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने भी कहा कि परिवहन व्यवसाय यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य जरिया है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि परिवहन मंत्री इन सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान निकालेंगे। पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा के संचालन में चले कार्यक्रम में मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर एसके सिंह, आरटीओ प्रशासन सुनील सैनी, एआरटीओ प्रशासन रावत सिंह, एआरटीओ प्रर्वतन रश्मि पंत, विशन खन्ना, मधुसूदन शर्मा, भास्करानंद भारद्वाज, कर्मवीर शर्मा, जितेंद्र नेगी, सुधीर राय, जयेद्र रमोला, मनोज ध्यानी, विजय पाल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
टैक्स और पेनल्टी में राहत का ऐलान: परिवहन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से पहले के सभी वाहनों का बकाया टैक्स माफ किया जाएगा, जबकि वर्ष 2013 के बाद के वाहनों पर लगाई गई पेनल्टी पूरी तरह समाप्त की जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड के ट्रक एवं मालवाहक वाहनों के पर्वतीय क्षेत्रों में संचालन के लिए अलग से शासनादेश लाया जाएगा। उन्होंने परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर कार्रवाई और प्रतिबंध लगाने की बात भी कहीं। उन्होंने कहा कि वाहनों का तीन साल में टैक्स बढ़ाया जाएगा। उसी अनुपात में किराया भी बढ़ाया जायेगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जायेगा।
ट्रांसपोर्टरों ने उठाईं प्रमुख समस्याएं: ऋषिकेश ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जगमोहन सकलानी ने क्षेत्र में संचालित ट्रकों के साथ भेदभाव समाप्त करने की बात कहीं। उन्होंने नेशनल परमिट से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और हरियाणा की तर्ज पर उत्तराखंड में वार्षिक टैक्स कम करने की मांग की। सकलानी ने हाईवे टैक्स में राहत देने, वाहनों में जीपीएस उपकरण बाजार से खरीदने की अनुमति मिलने, कॉमर्शियल वाहनों के किराये में वृद्धि, डग्गामार वाहनों पर रोक, शहर में सीएनजी पंपों की संख्या बढ़ाने, चेकिंग के नाम पर आर्थिक उत्पीड़न रोकने की मांग मंत्री से की।


