विकासनगर। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड देश का एरोमा हब बनेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में एरोमा एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र को नई दिशा मिली है। यह बातें उन्होंने गुरुवार को सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई में दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। इससे पूर्व मंत्री जोशी ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कार्यशाला की स्मारिका का विमोचन भी किया। सेमिनार में श्रीलंका, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, किसान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य में सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए महक क्रांति नीति-2026 लागू की गई है। इसके तहत 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सगंध खेती से आच्छादित कर 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि चम्पावत और नैनीताल में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिनेमन वैली विकसित की जा रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों और फॉरेस्ट लैंड में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को जोड़कर प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि सगंध पौधा केंद्र ने पिछले दो दशकों में राज्य में सगंध खेती को नई पहचान दी है। यह सेमिनार दालचीनी की उन्नत खेती, अनुसंधान, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मौके पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, जडी-बूटी सलाहकार समिति की उपाध्यक्ष सोना सजवाण, सचिव कृषि डॉ. सुरेन्द्र नारायण पांडे, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, नृपेन्द्र चौहान, योगेश दुबे मौजूद रहे।


