बागेश्वर। जन समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन सुनवाई में जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जन सुनवाई के दौरान सड़क, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, मुआवजा भुगतान, पेड़ों की लॉपिंग तथा अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर कुल 33 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों के समाधान हेतु संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जन सुनवाई के दौरान रेंतोली गांव के 10 परिवारों द्वारा “हर घर नल, हर घर जल” योजना के अंतर्गत अब तक जल कनेक्शन उपलब्ध न कराए जाने की शिकायत उठाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को तत्काल जांच कर उसी दिन शाम तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग तथा नगर निकायों को विशेष अभियान चलाकर नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कंधार-पत्थरखानी सड़क से जुड़े विवाद के संबंध में लोक निर्माण विभाग को ग्रामवासियों की उपस्थिति में सीमांकन हेतु पिलर लगाने की कार्रवाई करने को कहा गया। आवासीय क्षेत्रों के समीप खड़े पेड़ों से संभावित खतरे को लेकर प्राप्त शिकायतों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत विभाग को उन स्थानों पर तत्काल लॉपिंग कार्य कराने को कहा, जहां बिजली की लाइनें पेड़ों की शाखाओं से प्रभावित हो रही हैं।
शिक्षा क्षेत्र से संबंधित एक महत्वपूर्ण मांग पर भी जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाया। राजकीय इंटर कॉलेज देवलधार में जीव विज्ञान विषय संचालित किए जाने की मांग पर उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को विज्ञान शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
जन सुनवाई के समापन पर जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों पर केवल औपचारिक कार्रवाई न करते हुए उनका स्थलीय निरीक्षण करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का निस्तारण तत्काल संभव नहीं है, उनमें शिकायतकर्ताओं को नियमित रूप से प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही शिकायतों की सतत मॉनिटरिंग कर निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट प्रशासन को प्रस्तुत की जाए।
जन सुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल से आमजन की समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक उम्मीदें जगी हैं।


