देहरादून। उत्तराखंड विद्वत सभा का 17वा स्थापना दिवस समारोह राजा रोड स्थित गीता भवन में शुरू हुआ। विश्व शांति की कामना के साथ शुरू हुए समारोह में ब्राह्मण समाज के समाज के निर्माण में भूमिका पर चर्चा की गई। सनातन धर्म की जिम्मेदारियां और इतिहास पर वक्ताओं ने विचार रखे। संगम सांस्कृतिक कला मंच द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। विशिष्ट अतिथि आचार्य शिव प्रसाद ममगईं, मुख्य वक्ता सुभाष जोशी, अध्यक्ष हर्षपति गोदियाल, आचार्य आदित्य राम थपलियाल, आशीष खंकरियाल, संतोष खण्डूड़ी, आचार्य विपिन जोशी ने विद्वत सभा के कार्यों को सामाजोपयोगी बनाने पर चिंतन किया। वक्ताओं ने कहा की नई पीढ़ी को सनातन संस्कार दिए जाने अत्यंत आवश्यक हैं।नई पीढ़ी पश्चिमी समाज की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाया जाना चाहिए। ब्राह्मण समाज की भूमिका यहां पर महत्वपूर्ण हो जाती है।


