देहरादून। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि सच्चे नेतृत्व को शक्ति या पद से नहीं मापा जाता, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक रूप से कार्य करने की क्षमता से मापा जाता है। उन्होंने सार्वजनिक सेवा में चरित्र और सत्यनिष्ठा को आधार बताया।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन गुरुवार को लोक भवन से सड़क मार्ग द्वारा मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के कालिंदी अतिथि गृह पहुंचे। अकादमी में उपराष्ट्रपति का स्वागत किया गया।उपराष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उपराष्ट्रपति संपूर्णानंद सभागार पहुंचे, जहां उन्होंने आईएएस प्रोफेशनल कोर्स (2024 बैच) के फेज टु के समापन समारोह में प्रशिक्षुओं को संबोधित किया।उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिविल सेवाओं ने देश के विकास में अपार योगदान दिया है और यह नीति और जमीनी स्तर पर उसके क्रियान्वयन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई है।वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर डेढ़ बजे उपराष्ट्रपति सड़क मार्ग से मसूरी से देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गए। उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर मसूरी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। एलबीएसएनएए अकादमी के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे।


