अल्मोड़ा। जनस्वास्थ्य गतिविधियों के अंतर्गत ग्राम रैलाकोट में स्वास्थ्य शिविर एवं डेंगू जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) जीएस तितयाल तथा सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील के निर्देशन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच के साथ डेंगू से बचाव की जानकारी दी गई। शिविर के दौरान 57 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। ग्रामीणों के रक्तचाप और रक्त शर्करा की जांच की गई तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक परामर्श दिया गया। ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मशरूफ खान और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंशुल ममगाईं ने डेंगू को लेकर जागरूकता व्याख्यान दिया। उन्होंने डेंगू के कारण, प्रमुख लक्षण, संक्रमण से बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी। ग्रामीणों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई। संभावित लक्षण दिखाई देने पर समय से स्वास्थ्य केंद्र में जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस अवसर पर डॉ. पुष्पित गुप्ता, डॉ. भावना, डॉ. दीप चंद्र और मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर नरेश आगरी ने स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग किया। एमबीबीएस इंटर्न प्रियंशु, शिवानी, रक्षित राज और रुपांगी पांडेय ने स्वास्थ्य जांच, ग्रामीणों से संपर्क और डेंगू जागरूकता गतिविधियों में सहयोग दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम प्रधान दया रावत और ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम, समय पर पहचान, उचित उपचार तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।


