विकासनगर। जौनसार-बावर में वर्ष 1983-84 के बंदोबस्त के दौरान जनजातीय भूमि के कथित अवैध अंतरण और राजस्व अभिलेखों में अनियमितताओं के मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जांच आख्या और प्रकरण से संबंधित दस्तावेज सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और विधिक कार्रवाई की मांग की। रुद्र सेना के संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी ने बताया कि जौनसार-बावर के ग्राम हटाल, सैंज, रडू और अणु आदि में वर्ष 1951-52 के मूल बंदोबस्त अभिलेखों और वर्ष 1983-84 के बंदोबस्त अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। जांच समिति की रिपोर्ट में करीब 700 बीघा जनजातीय भूमि से संबंधित राजस्व प्रविष्टियों की वैधानिकता पर सवाल उठाए गए हैं।प्रतिनिधिमंडलने मांग की कि जांच आख्या के आधार पर संबंधित राजस्व प्रविष्टियों की विधिवत जांच कराई जाए। फर्जी अथवा नियमविरुद्ध पाए जाने वाले अभिलेखों को कानून के अनुसार निरस्त करने, भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 1951-52 से वर्तमान तक के मूल खसरा, खतौनी, बंदोबस्त अभिलेख और दाखिल-खारिज पत्रावलियों का उच्चस्तरीय परीक्षण कराने की मांग भी रखी। राकेश तोमर ने कहा कि मामला केवल भूमि विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जनजातीय भूमि अधिकारों, राजस्व अभिलेखों की विश्वसनीयता और क्षेत्र के सामाजिक हित जुड़े हुए हैं। प्रतिनिधिमंडल में सेवानिवृत्त एडीएम उदय सिंह राणा, पूरण सिंह चौहान, प्रियांशु तोमर आदि शामिल रहे।


